गणतंत्र दिवस समारोह में प्रदर्शित झांकियों ने मोह लिया मन

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देहरादून। उत्तराखंड में गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। स्कूली बच्चों और कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। राज्य मेें गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह देहरादून में परेड मैदान में आयोजित किया गया। जहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। विभिन्न विभागों की झांकियां प्रदर्शित की गई। झांकियों के माध्यम से विकास योजनाओं की झलकियों को दिखाया गया। गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य रूप से सूचना विभाग, उद्यान विभाग, वन विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पर्यटन विभाग की झांकियां शामिल रहीं। झांकियों व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। झांकियों में सूचना विभाग की झांकी प्रथम स्थान पर रही। सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी और संयुक्त निदेशक व नोडल अधिकारी के.एस. चैहान ने राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु से पुरस्कार प्राप्त किया।
सूचना विभाग द्वारा ‘‘विकसित उत्तराखण्ड‘‘ की झांकी का निर्माण किया गया था। झांकी के अग्र भाग में उत्तराखंडी महिला को पारम्परिक वेशभूषा में स्वागत करते हुए दिखाया गया था तथा पारंपरिक अनाज मंडुवा, झंगोरा, रामदाना तथा कौंणी की खेती व राज्य पक्षी मोनाल को दिखाया गया था। झांकी के मध्य भाग में होम स्टे को दिखाया गया है। पहाड़ों में होमस्टे योजना से हजारों ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 में उत्तराखण्ड के सरमोली गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। साथ ही लखपति दीदी योजना से उत्तराखण्ड में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। स्वयं सहायता समूह में कार्य करते हुए स्थानीय महिलाओं व सुदूर पहाडों में सौर ऊर्जा तथा मोबाइल टावर को दिखाया गया है। झांकी के आखरी भाग में ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, रोप-वे तथा भारत के प्रथम गांव माणा के लिए रोड कनेक्टिवी को दर्शाया गया है। इन योजनाओं से उत्तराखण्ड में यात्रियों के लिए आवागमन की सुविधा में आमूल-चूल परिवर्तन हुआ है। झांकी का डिजाइन एवं कान्सेप्ट व निर्माण विभाग के संयुक्त निदेशक नोडल अधिकारी के.एस. चैहान के निर्देशन में किया गया है। झांकी के साथ उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति पर आधारित पारम्परिक वेशभूषा में नृत्य करते हुए कलाकार थे। पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों ने मुख्य समारोह में साहसिक प्रदर्शन किया। सीआरपीएफ के बैंड ने मधुर धुन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणतंत्र दिवस के समारोह में स्कूली छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। प्रदेश के लोक कलाकारों ने कुमांऊनी, गढ़वाली, जौनसारी और पंजाबी नृत्य पेश किए। परेड में अलग-अलग क्षेत्र की शानदार झलकियां देखने को मिली। मधुर धुन बजाने पर सीआरपीएफ के बैंड को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, उधमसिंहनगर, पिथौरागढ़ जिलों में भी गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालयों में जिलाधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। विभागीय कार्यालयों में विभागाध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहण किया गया। कई जगह स्कूली बच्चों द्वारा प्रभातफेरी भी निकाली गई। देशभक्ति गीतों व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छात्रों व कलाकारों ने सुंदर प्रस्तुति दी। वहीं, कर्तव्य पथ नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्डी प्रवासियों के दल ने पारम्परिक वेशभूषा में प्रतिभाग किया। 75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर उत्तराखण्डी प्रवासियों के पांच सदस्यीय महिला दल ने उत्तराखण्ड के गढ़वाल, कुमाऊं व जौनसार की पारम्परिक वेशभूषा में प्रतिभाग करते हुए लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया।

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