मृतक एवं अपात्र के नाम से लिया राशन तो होगी कानूनी कार्रवाईः रेखा आर्य

1 min read

देहरादून। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड बनाने के लिए तय न्यूनतम आय के मानक काफी पुराने हो चुके हैं, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। इसको ध्यान में रखते हुए संशोधन के लिए एक विशेष समिति बनाकर समीक्षा करने जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। केंद्र सरकार से 39 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हो चुका है। हमारे राशन विक्रेताओं का नवंबर माह से जो लाभांश बकाया है, उसे एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा। साथ ही, लाभांश को 50 से बढ़ाकर 180 रुपये करने की मांग पर जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए मैंने 30 जून तक मैन्युअल रजिस्टर मेंटेन करने की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर प्रणाली को ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। नए सॉफ्टवेयर के लिए हमारे अधिकारियों और निरीक्षकों को केंद्र से आए ट्रेनर्स द्वारा जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा। चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले 3 माह का राशन एडवांस में दुकानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। संतोष की बात है कि प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह नियमित है। राशन विक्रेताओं को आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा देने के लिए उनके इंश्योरेंस (बीमा) पर विचार किया जा रहा है, जिसके लिए खाद्य आयुक्त के नेतृत्व में कमेटी गठित कर दी गई है।
लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु के बाद भी उनके नाम पर राशन उठाया जा रहा है। मैंने शासनादेश में बदलाव के निर्देश दिए हैंय अब समय पर सूचना न देने और नाम न कटवाने पर राशन की रिकवरी के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमारा लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ पात्र व्यक्तियों तक राशन पहुंचाना है। इस दौरान प्रमुख सचिव एल. फैनेई, आयुक्त बंशी लाल राणा, अपर आयुक्त पी एस पांगती, एम.एस बिसेन, सी एम घिल्डियाल, राशन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

Copyright Him Path©2023 (Designed & Develope by manish Naithani 9084358715) All rights reserved. | Newsphere by AF themes.