गुजरात की परेड में होगी उत्तराखण्ड की झांकी, लोककलाकार भी देंगे प्रस्तुति

देहरादून। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यु ऑफ यूनिटी के सम्मुख होने वाली परेड में उत्तराखण्ड की झांकी ‘अष्ट तत्व और एकत्व का प्रदर्शित की जायेगी।
आज यहां लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सम्मुख आगामी 31 अक्टूबर को होने वाली परेड में उत्तराखंड राज्य की झांकी अष्ट तत्त्व और एकत्व प्रदर्शित की जाएगी। इस झांकी के माध्यम से देवभूमि उत्तराखंड के अध्यात्मिक और प्राकृतिक वैभव के साथ ही संस्कृति और प्रगति के विभिन्न आयामों को उजागर किया जाएगा। एकता दिवस के इस मुख्य समारोह में आयोजित परेड के दौरान राज्य के लोक कलाकारों का दल उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा।
सूचना विभाग उत्तराखंड के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने यह जानकारी देते हुए बताया सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटीफ के सम्मुख आयोजित राष्ट्रीय स्तर के मुख्य समारोह में उत्तराखंड को प्रतिभाग करने का गौरव मिला है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार की विशेषज्ञ समिति द्वारा कई दौर के विचारकृविमर्श और परीक्षण के बाद देश के चुनिंदा आठ राज्यों के साथ ही उत्तराखंड की झांकी का अंतिम रूप से चयन किया गया। आठ तत्त्वों की समरसता और एकता की भावना का प्रतीक राज्य की झांकी अष्ट तत्त्व और एकत्व में उत्तराखंड के दिव्य धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि के साथ ही सतत व समग्र विकास के प्रति प्रगतिशील दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया जाएगा। उत्तराखंड राज्य की झांकी के नोडल अधिकारी एवं सूचना विभाग के संयुत्तफ निदेशक के.एस. चौहान के निर्देशन में झांकी का निर्माण कराया जा रहा है। चौहान ने बताया कि झांकी तथा कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति के संबंध में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एकता परेड में राज्य के लोक कलाकारों का चौदह सदस्यीय दल द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुति देगा। उन्होंने बताया कि राज्य की टीम द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सम्मुख आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में सफलतापूर्वक प्रतिभाग किया गया।

Copyright Him Path©2023 (Designed & Develope by manish Naithani 9084358715) All rights reserved. | Newsphere by AF themes.