सनातन का अपमान करने वाली कांग्रेस कर रही अब बाँटने की राजनीतिः भाजपा

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देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस द्वारा हल्द्वानी सभास्थल शुद्धि विवाद को तूल देने की कोशिशों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने इसे सनातन धर्म का अपमान और समाज को बाँटने की घटिया राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वहां किसी संस्था द्वारा किए गए कार्यक्रम से भाजपा का कोई संबंध नहीं है। दरअसल वहां रामलीला मैदान की पवित्र भूमि में धर्म विशेष की कांग्रेसी आपत्तिजनक नारेबाजी से देवभूमि की जनता बेहद नाराज है, लिहाजा ध्यान भटकाने के लिए सनातन को बांटने की जातिवादी राजनीति कांग्रेस कर रही है।
केबिनेट मंत्री भाजपा प्रदेश प्रवक्ता खजान दास ने पार्टी की ओर से रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस हल्द्वानी में शुद्धिकरण एवं पूजा-अर्चना करने वाली संस्था राम सेना को भाजपा से जोड़ने का अनर्गल प्रयास कर रही है। यह आरोप पूरी तरह से निराधार, असत्य और भ्रामक है। पार्टी का ऐसी किसी संस्था से कोई लेना-देना नहीं है। खजान दास ने कहा कि भाजपा को इस बात पर कड़ा एतराज है कि 11 अगस्त को हल्द्वानी की रैली के दौरान धर्म विशेष के नारे लगाए गए। जिस स्थान पर यह कृत्य हुआ, वह पवित्र श्रामलीला मैदानश् है, जिसका सनातन धर्म में अत्यंत विशेष धार्मिक महत्व है। ऐसे पवित्र स्थल पर दूसरे धर्मों के नारे लगाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य या जायज नहीं ठहराया जा सकता। यह सीधे तौर पर करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान है।
उन्होंने कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस जैसी सनातन विरोधी पार्टी के लिए यह विषय भले ही मामूली हो, क्योंकि वे तो प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को ही नकारते आए हैं। लेकिन सच यह है कि कांग्रेस राम जन्मभूमि पर मस्जिद बनाना चाहती थी और उनके वकील नेताओं ने अदालतों में राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था।  जबकि भाजपा के लिए सनातन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि देश के सांस्कृतिक गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। हमारे सांस्कृतिक नायक प्रभु श्रीराम की जीवन लीला के मंचन की भूमि रामलीला मैदान प्रत्येक सनातनी और भाजपा कार्यकर्ता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कटाक्ष किया कि जब कांग्रेस रामलीला मैदान में हुए सनातन अपमान के मुद्दे पर चैतरफा घिर गई, तो उसने अपनी गलतियों पर माफी मांगने के बजाय वहां की गई पूजा-अर्चना की आड़ लेकर सनातन समाज को जातियों में बाँटने का अंतिम दांव खेला है। लेकिन देवभूमि उत्तराखंड की धर्मपरायण जनता कांग्रेस के इस षड्यंत्र को अच्छी तरह समझ चुकी है और उन्हें सनातन विरोधी कृत्य के लिए किसी भी कीमत पर माफ नहीं करेगी। खजान दास ने कहा कि दलितों का अपमान करना कांग्रेस की हमेशा से नियति रही है मल्लिकार्जुन खड़गे का नहीं, कांग्रेस की दूषित मानसिकता का शुद्धिकरण होना चाहिए। कांग्रेस ने भाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित अपने दलित राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम केसरी को अपमानित कर पार्टी दफ्तर से मारपीट, कपड़े फाड़ कर भगाया। बाबू जगजीवन राम का तिरस्कार भी कांग्रेस पार्टी के द्वारा ही किया गया। कांग्रेस की इस मानसिकता को कभी नहीं भूल सकते।

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