दिव्य धाम आश्रम में मासिक आध्यात्मिक कार्यक्रम में साधक शिष्यों को प्रबल ध्यान के लिए प्रेरित किया गया

1 min read

देहरादून। शिष्यत्व के आधार को मजबूत करने के लिए, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा दिव्य धाम आश्रम, दिल्ली में मासिक आध्यात्मिक कार्यक्रमष् का आयोजन किया गया। सही ही कहा गया है कि संतों की संगति व्यक्ति की बुद्धिमता को बढ़ाती है। इसलिए, सत्संग जैसे स्थानों को भक्तों के लिए श्आध्यात्मिक जिमश् भी कहा जा सकता है। व्यस्त सांसारिक जीवन से समय निकालकर, हजारों भक्तों ने अपने आध्यात्मिक विकास के लिए कार्यक्रम में भाग लिया। भक्तिमय दिव्य भजनों की श्रृंखला ने पवित्र वातावरण का ऐसा निर्माण किया कि प्रत्येक हृदय, शरीर, मन और आत्मा के भीतर सर्वोच्च ऊर्जा का संचार हुआ।
दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज जी (संस्थापक एवं संचालक, डीजेजेएस) के प्रचारक गणों ने शिष्यों को संतुलित सांसारिक-आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए अचूक मंत्र का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि हमें सबसे पहले जीवन में चीजों को प्राथमिकता के आधार पर रखने की जरूरत है। आज के मानव के साथ समस्या यह है कि वह बिना कोई योजना बनाए जीवन व्यतीत कर रहा है। इसलिए, वे जो कार्य पूरा करने की सोचते हैं, वे आम तौर पर अप्रापय रह जाते हैं। इसलिए यदि अपने जीवन को सफल बनाना चाहते है तो साधकों को दृढ़ संकल्पित होकर नियमित रूप से ब्रह्मज्ञान आधारित ध्यान साधना करनी पड़ेगी।
यह सभी को अच्छी तरह से ज्ञात है एवं शास्त्रों में भी उल्लेख किया गया है कि आनंदमय जीवन जीने का गुप्त मंत्र केवल ब्रह्मज्ञानी साधक की तरह जीवन जीने में है। केवल वही जो उस समय के पूर्ण आध्यात्मिक गुरु की कृपा से ब्रह्मज्ञान की दिव्य तकनीक से धन्य हो, अपने भीतर ईश्वर को देखता हो और प्राणपण से अपने गुरु की आज्ञा का पालन करता हो, ऐसा साधक शिष्य ही जीवन के सभी बंधनों को तोड़कर, सकारात्मकता और दृढ़ संकल्प से भरपूर हों शाश्वत आनंद का अनुभव कर सकता है। ऐसा नहीं है कि शिष्यों को कठिन समय का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन ध्यान उन्हें सकारात्मक रख कठिन समय से निकलने में मदद करता है।
कार्यक्रम में इस बात पर प्रकाश डाला कि वह शिष्य, जिन्हें गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से ब्रह्मज्ञान प्राप्त हुआ है, वे बहुत ही भाग्यशाली हैं। इसलिए इस सौभाग्य को समझकर जितना संभव हो सके ज्यादा से ज्यादा ध्यान करने का
प्रयास करें, क्योंकि यह ध्यान न केवल ब्रह्मज्ञानी शिष्यों के लिए बल्कि उनके आसपास के वातावरण तथा इस धरा के लिए भी लाभप्रद है। गुरुदेव की कृपा से सामूहिक ध्यान के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस दिव्य सभा ने सभी का कायाकल्प करते हुए उन्हें आध्यात्मिकता के मार्ग पर पूरे जोश और उत्साह के साथ आगे बढ़ने का उत्साह भरा।

Copyright Him Path©2023 (Designed & Develope by manish Naithani 9084358715) All rights reserved. | Newsphere by AF themes.