बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 24,518 परीक्षार्थी होंगे शामिल

देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परिषदीय परीक्षाओं के लिए जनपद देहरादून में 123 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इन केंद्रों पर कुल 24,518 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण, संवेदनशील एवं दूरस्थ केंद्रों की व्यवस्था तथा परीक्षाओं के सुचारु संचालन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा केंद्रों की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार, हाईस्कूल में कुल 13,576 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 13,472 संस्थागत तथा 104 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं। इसी प्रकार, इंटरमीडिएट में कुल 10,942 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 10,684 संस्थागत और 258 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। इस तरह दोनों कक्षाओं को मिलाकर परीक्षार्थियों की कुल संख्या 24,518 है।
बैठक में परीक्षा केंद्रों की उपयुक्तता, संवेदनशील केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं तथा दूरस्थ क्षेत्रों में विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़े पहलुओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए है।
समिति के समक्ष प्रस्तुत विवरण के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए जनपद में तीन संवेदनशील परीक्षा केंद्र प्रस्तावित हैं, जबकि अति संवेदनशील केंद्रों की संख्या शून्य है। संवेदनशील केंद्रों में ऋषिकेश स्थित श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज, रायपुर स्थित डीएवी इंटर कॉलेज करनपुर तथा चकराता स्थित राजकीय इंटर कॉलेज भटाड़ शामिल हैं। इनमें परीक्षार्थियों की अधिक संख्या और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के मार्ग की दूरी जैसे कारणों को संवेदनशीलता के निर्धारण में प्रमुखता दी गई है।
जनपद के छह विकासखंडों में परीक्षा केंद्रों का विवरण भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार, रायपुर में हाईस्कूल के 36 और इंटरमीडिएट के 35, डोईवाला में क्रमशः 30 और 30, सहसपुर में 15 और 14, विकासनगर में 21 और 19, कालसी में 8 और 8 तथा चकराता में 13 और 11 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए जाने का विवरण दिया गया है। हाईस्कूल के लिए केंद्रों की कुल संख्या 123 और इंटरमीडिएट के लिए 117 प्रस्तावित की गई है। समिति के समक्ष ऐसे विद्यालयों का विवरण भी रखा गया, जहां परीक्षार्थियों की संख्या निर्धारित 60 विद्यार्थियों के मानक से कम है। प्रस्तुत प्रस्ताव में ऐसे सात विद्यालयों को शामिल किया गया है, जहां विषम भौगोलिक परिस्थितियों और आवागमन संबंधी कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा देने में होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए केंद्र निर्धारण करना है। समिति की बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जैसवाल, खंड शिक्षा अधिकारी विनिता कठैत, हेमलता गौढ़, भुवनेश्वर प्रसाद, बुशरा, शिवानी कौशल, कुन्दन सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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