देहरादून के दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क का ‘डेड जोन’ होगा खत्म, 19 शैडो एरिया पर विशेष फोकस

1 min read

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने जनपद में दूरसंचार कनेक्टिविटी को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में उन्होंने बीएसएनएल सहित सभी दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत जनपद के सभी नेटवर्क विहीन एवं कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आचार संहिता लागू होने से पूर्व सभी चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 19 शैडो एरिया चिह्नित किए गए हैं, जिनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के 7 तथा चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क स्थापित करने में यदि राजस्व भूमि अथवा वन भूमि से संबंधित कोई समस्या आ रही है, तो उसे तत्काल संज्ञान में लाते हुए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के कार्य में अनावश्यक विलंब न हो।
निष्क्रिय मोबाइल टावर तत्काल किए जाएं क्रियाशील
जिलाधिकारी ने सभी मोबाइल कंपनियों को अपने टावरों एवं नेटवर्क कनेक्टिविटी का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो मोबाइल टावर वर्तमान में क्रियाशील नहीं हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कर नेटवर्क सेवा बहाल की जाए। जिन क्षेत्रों में किसी भी दूरसंचार कंपनी का मोबाइल टावर उपलब्ध नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर बीएसएनएल अपने टावर स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य करे। साथ ही ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट परियोजना के अंतर्गत फाइबर नेटवर्क कनेक्टिविटी का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
बीएसएनएल के 170 गांव अभी भी नेटवर्क से वंचित
बैठक में बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया कि जनपद देहरादून के कुल 767 गांवों में से 597 गांवों में बीएसएनएल की कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है, जबकि 170 गांव अभी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। कुंआवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां तथा दौड़वाला से दूधली तक के वन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में कठिनाइयां आ रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि फुलसानी, दिरनाद एवं सिल्ला में नए 4जी मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। पूर्व में 4जी मोबाइल टावर सेचुरेशन परियोजना के तहत 24 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 22 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी उपलब्ध करा दी गई है। शेष रायपुर एवं सहसपुर क्षेत्र की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि संबंधी समस्या के कारण कार्य लंबित है।
भारतनेट परियोजना के तहत कनेक्टिविटी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
भारतनेट परियोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रथम चरण में जनपद की 209 ग्राम पंचायतों को कनेक्ट किया गया था, लेकिन फाइबर केबल कटने के कारण वर्तमान में 69 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी प्रभावित है। वहीं, परियोजना के द्वितीय चरण में कुल 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को कनेक्ट किया जा चुका है, जबकि शेष 39 ग्राम पंचायतों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फाइबर कटने से प्रभावित ग्राम पंचायतों में नेटवर्क बहाली के साथ ही लंबित कनेक्टिविटी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं वन क्षेत्रों में संचार सुविधाओं का विस्तार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, डीजीएम बीएसएनएल रणवीर सिंह चैहान, एसडीई मोबाइल नीरज कुमार, मैनेजर डीआईसी सिद्धार्थ नेगी सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Copyright Him Path©2023 (Designed & Develope by manish Naithani 9084358715) All rights reserved. | Newsphere by AF themes.