स्कूल की छात्रा से छेड़छाड़ मामले में आरोपी टीचर सस्पेंड

देहरादून। निजी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में बाद आज स्कूल के बाहर छात्र संघ से जुड़े लोगों ने हंगामा किया। एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अबतक कार्रवाई न होने और टीचर पर मुकदमा दर्ज न होने को लेकर जमकर हंगामा किया। दूसरी तरफ जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की ओर से छात्रा को समझाए जाने के बाद छात्रा की ओर से पुलिस में तहरीर दे दी गई है। तहरीर के आधार पर पुलिस प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज की जा रही है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं, आरोपी टीचर ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके 25 साल के करियर में उन पर पहली बार इस तरह के आरोप लगे हैं।
दून ने सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने बताया कि, मामला संज्ञान में आने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की ओर से बच्चों और उनके अभिभावक से संपर्क किया गया। हालांकि, सामाजिक मर्यादा को देखते हुए बच्चे पहले सामने नहीं आ रहे थे। लेकिन जब वेलफेयर कमेटी की ओर से उनको समझाया गया फिर उन्होंने तहरीर दी है। ऐसे में बच्चों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही यहां पर छात्र संघ की ओर से भी प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने इस बात को कहा कि, स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है।
छात्र संघ की ओर से अगर कोई ज्ञापन जिला प्रशासन को प्राप्त होता है, उसके बाद इस पूरे मामले की जांच करवा कर शिक्षा विभाग के जरिए कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की घटना बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि बच्चों का अपना परिवार होता है और दूसरा परिवार विद्यालय होता है। ऐसे में स्कूल की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के साथ सुरक्षा भी दें। ऐसे में कोई भी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है और उनको बचना भी नहीं चाहिए। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से टीचर को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
बता दें कि 23 अक्टूबर को स्कूल की छात्रा और उसकी मां ने स्कूल पहुंचकर स्कूल प्रबंधक से शिक्षक के खिलाफ शिकायत दी। पीड़ित परिवार का दावा है कि शिकायत ने 15 छात्राओं के हस्ताक्षर हैं। आरोप लगाया कि 15 अक्टूबर को भी शिक्षक के खिलाफ शिकायत की गई थी। जिस पर प्रबंधन ने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उल्टा छात्रा पर दबाव शुरू कर दिया। आरोप है कि डायरेक्टर ने भी शिक्षक के पक्ष में अपनी बातें रखी। परिवार ने शिक्षक की बर्खास्तगी और डायरेक्टर से असेंबली में सभी बच्चों के सामने सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है।

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